मॉडर्न ब्राउज़र कई अलग-अलग नामों से प्राइवेसी ऑप्‍शन प्रदान करते हैं: Chrome में Incognito Mode, Firefox और Opera में Private Browsing, Internet Explorer और Microsoft Edge में InPrivate Browsing, Safari में Private Window आदि।

चूंकि यह सभी कम या अधिक एक ही काम करते हैं, इसलिए मैं Chrome के Incognito Mode के बारे में एक संदर्भ देता हूं।

जब आप Chrome जो सबसे लोकप्रिय ब्राउज़र हैं, में incognito window ओपन करते हैं, तो वह अपने description में ऐसा लिखता है कि prying eyes से आपकी सुरक्षा करने में इसकी कुछ सीमाएं हैं।

लेकिन अधिक तर यूजर्स द्वारा इस description को अक्सर अनदेखा किया जाता है।

आश्चर्यजनक रूप से लगभग सभी यूजर्स को गलती से लगता है कि incognito मोड में कोई भी उनकी सभी एक्टिविटीज को ट्रैक नहीं करता।

चूंकि incognito mode में Google स्पष्ट करता है कि, यह ऐसा मामला नहीं है:

“Your activity isn’t hidden from websites you visit, your employer or school, or your internet service provider”

इसका मतलब यह हैं-

“कि incognito tabs में आप जो भी पेजेस ओपन करते हैं, उनकी हिस्‍ट्री, कुकीज जैसे ही आप ब्राउज़र को क्‍लोज करते हैं, तो वह लोकल पीसी पर स्‍टोर नहीं होती।

लेकिन, आपके द्वारा डाउनलोड की जाने वाली कोई भी फ़ाइल या आपके द्वारा बनाए गए बुकमार्क को वैसे ही रखा जाएगा।

हालांकि, आप invisible नहीं होंगे। जब आप incognito मोड में जाते हैं तो भी आपके एम्प्लायर, आपके इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर या उन वेब साइटस् से आपकी ब्राउज़िंग को छिपाया नहीं जाएगा।”

तो private browsing modes असल में क्‍या करता हैं?
असल में दो टाइप कि प्राइवेसी होती हैं: local privacy और online privacy।

Local Privacy में केवल वह होता हैं जो आपके ब्राउज़िंग के दौरान जो आपका पीसी देख सकता हैं, जैसे कि आपकी ब्राउज़िंग हिस्‍ट्री, कूकीज आदि। इसे incognito mode में आप ब्‍लॉक कर सकते हैं।

लेकिन इस मोड में आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होती।

सन 2018 में किए गए एक सर्वे के मुताबिक 65% यूजर्स को गलतफ़हमी हैं कि Incognito और Private browsing मोड गवर्नमेंट्स, ऑर्गनाइज़ेशन और एडवरटाइजर्स से उनकी आइडेंटिटी और ब्राउज़िंग हैबिट्स को छिपाएंगे।

असल में, आपका ब्राउज़र, कुकीज, टेम्पररी इंटरनेट फ़ाइलें या आपके ब्राउज़िंग हिस्‍ट्री को सेव नहीं करता, जब आप incognito mode में होते हैं।

इसका मुख्य उददेश आपकी ब्राउज़िंग हिस्‍ट्री को अन्य लोगों से छिपाना है जो उसी कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं।

कई यूजर्स को incognito मोड की सीमाओं के बारे में गलत समझ है। Incognito टैब ओपन करते समय स्पष्ट चेतावनियों की पेशकश के बावजूद, कुछ लोग सोचते हैं कि यह उनके ऑनलाइन एक्टिविटी को ISP या एम्प्लायर सहित सभी लोगों से छुपाता है, जब कि यह स्पष्ट रूप से ऐसी बात नहीं है।

इसके साथ ही, आपके कंप्यूटर पर इंस्टॉल किए गए सॉफ़्टवेयर incognito मोड पर जाने से प्राइवेसी प्रोटेक्‍शन को भी खतरा बना सकते हैं।

पैरेंटल मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर आम तौर पर incognito मोड द्वारा अप्रभावित होता।

Spyware जो किसी कंप्यूटर पर इंस्‍टॉल है, वे भी incognito मोड के उपयोग के बावजूद आपकी इनफॉर्मेशन को कलेक्‍ट करना जारी रख सकते है।

Incognito mode और अन्य private browsing मोड उपयोगी होते हैं और वे लोकल प्राइवेसी सुरक्षा का एक अतिरिक्‍त लेयर प्रदान करते हैं जो इसका लाभ लेना आसान बनाता है।

जब तक यूजर्स इनकी लिमिटेशंस से अवगत होते हैं और एक जादू की उम्मीद नहीं करते हैं जो पूरी तरह से उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी छुपाता है, तो यह एक उपयोगी टूल हो सकता है जो उपयोग में आसान है।

तो क्या ऑनलाइन Private Browsing के लिए एक रास्ता है?
Google, Bing या अन्य जो भी प्रोफेशनल सर्च इंजन को आप इस्तेमाल करते हैं, वे सभी आपकी सर्च हिस्‍ट्री, लोकेशन सहित आपके बारे में बहुत सारे डेटा को कलेक्‍ट करता हैं। इसकी मदद से वे अपनी सर्विसेस और रिलेवेंट एडस् को बेहतर बनाते हैं।

तो क्या ऐसा कोई ब्राउज़र मौजूद हैं, जो आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी का ध्यान रख सकता हैं।

हां! DuckDuckGo ऐसा करता हैं। DuckDuckGo आपके डेटा को कलेक्‍ट नहीं करता और साथ ही इसमें एड्स ट्रैकिंग नेटवर्क को ब्‍लॉक करने की क्षमता हैं।

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